बेगूसराय : जिले के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा घाट पर रविवार से कल्पवास मेला शुरू हो गया है। 24 नवंबर तक चलने वाले इस धार्मिक मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, बिजली, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं।
मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार, 17 अक्टूबर को बेगूसराय की जिलाधिकारी ऋची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि मेले के दौरान उनकी सुविधाओं और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बिजली, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। चापाकलों से पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
कल्पवास मेले में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। 150 से अधिक पुलिसकर्मियों को अलग-अलग टुकड़ियों में विभाजित कर विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है।
पुलिस बल मेला क्षेत्र, प्रमुख रास्तों और गंगा घाट के आसपास निगरानी रखेगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।
गंगा घाट पर बैरिकेडिंग, स्नान के दौरान सुरक्षा पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा तट का भी जायजा लिया। गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाट की साफ-सफाई और पानी के भीतर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को गहरे पानी की ओर जाने से रोकना और स्नान के दौरान संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए घाट पर सतर्कता बरतने और आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।
निरीक्षण में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
17 अक्टूबर को हुए निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ऋची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के अलावा एडीएम ब्रजकिशोर चौधरी, सदर एसडीओ अश्विनी कुमार, सदर डीएसपी-2 कुमारी दुर्गा शक्ति, बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है सिमरिया घाट
सिमरिया गंगा घाट पर आयोजित कल्पवास मेला धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दौरान श्रद्धालु गंगा तट पर रहकर स्नान, पूजा-पाठ, जप-तप और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। मेले की अवधि में बड़ी संख्या में कल्पवासी और अन्य श्रद्धालु सिमरिया पहुंचते हैं।
18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलने वाले इस मेले के दौरान जिला प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और घाटों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहेगी। प्रशासन की तैयारियों से उम्मीद है कि श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में अपनी धार्मिक गतिविधियां पूरी कर सकेंगे।





