बेगूसराय : जिले में दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित जागरण कार्यक्रम के दौरान महिला कलाकार और पुलिस पदाधिकारी के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कार्यक्रम के दौरान महिला डांसर को थप्पड़ मारने और विरोध कर रहे लोगों के सामने सर्विस पिस्टल निकालने के आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन ने संबंधित दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बिहार दैनिक के बेगूसराय रिपोर्टर व अन्य स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पानगाछी चौक स्थित मां वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा स्थान का है। यहां 19 अक्टूबर 2026, सोमवार की रात दुर्गा पूजा के अवसर पर जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बताया गया है कि देर रात मंच पर महिला कलाकार प्रस्तुति दे रही थीं, तभी कार्यक्रम बंद कराने को लेकर दरोगा और मंदिर के युवकों में विवाद शुरू हो गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के नौसर, जागरण कार्यक्रम में महिला कलाकारों की प्रस्तुति चल रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अवर निरीक्षक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और प्रस्तुति बंद कराने को कहा।
कार्यक्रम बंद कराने को लेकर हुई कहासुनी के बीच पुलिस पदाधिकारी मंच पर पहुंच गए और महिला डांसर को थप्पड़ मार दिया। जो सोसल मीडिया पर वायरल ही रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है। इस घटना से वहां मौजूद लोग नाराज हो गए। आयोजकों और दर्शकों ने पुलिस अधिकारी के व्यवहार का विरोध किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
विवाद बढ़ता देख दारोगा ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर लोगों की ओर तान दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम और उससे उत्पन्न परिस्थितियों और उसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दारोगा के नाम को लेकर रिपोर्टों में अंतर
इस मामले में संबंधित पुलिस पदाधिकारी के नाम को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अंतर देखने को मिला है। कुछ समाचार रिपोर्टों में उनका नाम अनिल कुमार झा, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में अनिल कुमार सिंह बताया गया है।
इसलिए संबंधित अधिकारी के नाम को लेकर फिलहाल एकरूपता नहीं है। पुलिस के आधिकारिक निलंबन आदेश या विभागीय अभिलेख से नाम की स्वतंत्र पुष्टि होने तक इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
उपलब्ध समाचार विवरणों में संबंधित अधिकारी को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक बताया गया है। उनके पदस्थापन और निलंबन से जुड़े सभी विवरणों की आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि की जानी चाहिए।
कौन हैं महिला डांसर?
घटना में शामिल महिला कलाकार की पहचान को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में पर्याप्त और एकसमान जानकारी सामने नहीं आई है। उनका पूरा नाम, उम्र, निवास स्थान और संबंधित डांस ग्रुप के बारे में विश्वसनीय पुष्टि नहीं होने के कारण इन विवरणों को प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
रिपोर्टों में महिला कलाकार के हवाले से बताया गया है कि पुलिस अधिकारी ने कार्यक्रम बंद करने के लिए कहा था। कलाकार का आरोप है कि निर्देश के बाद भी उनके साथ मारपीट की गई।
महिला कलाकार ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए न्याय की मांग की। उनका पक्ष है कि यदि कार्यक्रम में कोई आपत्तिजनक गतिविधि हो रही थी, तो उसे नियमानुसार बंद कराया जा सकता था, लेकिन उनके साथ कथित मारपीट नहीं की जानी चाहिए थी।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि ऐसी परिस्थिति में महिला पुलिसकर्मी की सहायता ली जा सकती थी।
आयोजकों ने भी जताया विरोध
घटना के बाद जागरण कार्यक्रम के आयोजकों और वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। समाचार रिपोर्टों में आयोजक मंडल के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार के आरोप भी सामने आए हैं।
बताया गया है कि विरोध के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पिस्टल निकालने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किसने क्या भूमिका निभाई, इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकेगी।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित दारोगा को निलंबित कर दिया है।
मामले की जांच सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपे जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। जांच के दौरान वायरल वीडियो, कार्यक्रम स्थल की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयानों की समीक्षा की जा सकती है।
पुलिस की ओर से यह पक्ष भी सामने आया है कि कार्यक्रम में कथित अशोभनीय नृत्य के कारण अव्यवस्था उत्पन्न होने की शिकायत थी और पुलिस पदाधिकारी कार्यक्रम बंद कराने के लिए पहुंचे थे।
लेकिन कार्यक्रम बंद कराने की आवश्यकता और कार्रवाई के दौरान अपनाए गए तरीके की वैधता दो अलग-अलग प्रश्न हैं। जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस अधिकारी ने किन परिस्थितियों में हस्तक्षेप किया और उनके आचरण के संबंध में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें
बेगूसराय की इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में पुलिस की भूमिका, महिला कलाकारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अधिकारियों के आचरण पर चर्चा शुरू कर दी है।
पुलिस का दायित्व किसी भी आयोजन में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। वहीं, कार्रवाई करते समय कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना भी आवश्यक है।
फिलहाल संबंधित दारोगा के निलंबन की खबर सामने आई है। महिला कलाकार के साथ कथित मारपीट, पिस्टल निकालने की घटना और विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
निष्कर्ष : बेगूसराय के पानगाछी चौक स्थित मां वैष्णवी सार्वजनिक दुर्गा स्थान में आयोजित जागरण कार्यक्रम के दौरान महिला कलाकार और पुलिस पदाधिकारी के बीच विवाद हुआ। महिला कलाकार को थप्पड़ मारने तथा विरोध के दौरान पिस्टल निकालने के आरोप लगे। मामले में दारोगा के निलंबन की सूचना सामने आई है, जबकि उनके नाम को लेकर कुछ रिपोर्टों में अनिल कुमार झा और कुछ में अनिल कुमार सिंह लिखा गया है। आधिकारिक पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
रिपोर्ट : अविनाश भाष्कर, बिहार दैनिक | बेगूसराय, बिहार





