खगड़िया : जिले के पहरजा-गंगौर हॉल्ट पर शनिवार की सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे में 46 वर्षीय दैनिक यात्री प्रभात महतो की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वह ट्रेन संख्या 55566 पैसेंजर में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना से हॉल्ट परिसर में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
मृतक की पहचान गंगौर थाना क्षेत्र के बेला सिमरी गांव निवासी प्रभात महतो, पिता स्वर्गीय लेदु महतो के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनो में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
रोजाना ट्रेन से करते थे सफर
बताया जाता है कि प्रभात महतो नियमित दैनिक यात्री थे और ट्रेन से लगातार आवागमन करते थे। प्रतिदिन की तरह शनिवार को भी वह अपने काम के सिलसिले में यात्रा करने के लिए पहरजा-गंगौर हॉल्ट पहुंचे थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 55566 पैसेंजर में सवार होने के क्रम में वह हादसे का शिकार हो गए।
जानकारी के अनुसार, मृतक के पास वैध मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) था। वह नियमित रूप से ट्रेन से यात्रा करते थे। हादसे की सूचना हॉल्ट एजेंट को सुबह करीब 9:40 बजे मिली, जिसके बाद घटना की जानकारी संबंधित स्तर पर दी गई।
खैनी बेचकर चलाते थे परिवार का खर्च
प्रभात महतो अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए खगड़िया न्यायालय परिसर में खैनी बेचने का काम करते थे। इसी काम के सिलसिले में उन्हें नियमित रूप से घर से खगड़िया आना-जाना पड़ता था। दैनिक यात्रा उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा थी।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए नियमित रूप से काम करते थे। शनिवार को भी वह सामान्य दिनों की तरह अपने कार्यस्थल की ओर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन पहरजा-गंगौर हॉल्ट पर हुआ हादसा उनके परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया।
हादसे के बाद हॉल्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद पहरजा-गंगौर हॉल्ट पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। छोटे रेलवे हॉल्टों पर यात्रियों के ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान विशेष सावधानी और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है। खासकर दैनिक यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले समय में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए दुर्घटना के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस एवं संबंधित रेल अधिकारियों की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हॉल्टों पर यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ने-उतरने के लिए आवश्यक व्यवस्था और जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यात्रियों को भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचने तथा रेलवे द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दुर्घटना की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
हादसे के बाद हॉल्ट पर कुछ समय तक लोगों की भीड़ जुटी रही। घटना की जानकारी आसपास के लोगों और परिचितों तक पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग मृतक के गांव और परिजनों से संपर्क करने लगे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रभात महतो की मौत की खबर जैसे ही बेला सिमरी गांव पहुंची, परिवार में मातम छा गया। अचानक हुई मौत से परिजन सदमे में हैं। जिस व्यक्ति के रोज घर से काम के लिए निकलने की आदत थी, उसके इस तरह वापस न लौटने से परिवार के सामने भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक संकट की चिंता भी खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रभात महतो की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक घटना है। लोगों ने रेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से छोटे हॉल्टों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारण की भूमिका थी या नही।





