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दुर्गा अष्टमी से सहरसा में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 40 पूजा पंडालों में तैनात रहेंगे दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी

सहरसा : दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा अष्टमी से ही मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए सहरसा जिला प्रशासन ने जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सिमरी बख्तियारपुर, बलवाहाट, बनमा इटहरी और सलखुआ क्षेत्र के 40 पूजा पंडालों में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 80 लाठी बल की तैनाती की गई है।

सहरसा के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रत्येक चिह्नित पूजा पंडाल में एक-एक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे। अधिक भीड़ वाले स्थानों और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने की व्यवस्था भी की जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है।

दूसरे जिलों से भी बुलाए गए करीब 400 पुलिसकर्मी

दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सहरसा जिले के अतिरिक्त अन्य जिलों से भी करीब 400 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

मंदिरों, पूजा पंडालों, मेला स्थलों और बाजारों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य भीड़ के बीच किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकना और लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक

दुर्गा पूजा के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष कदम उठाए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ नो-एंट्री व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य पूजा पंडालों और बाजारों के आसपास जाम की स्थिति से बचना तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाना है।

पुलिस के चलंत दस्ते और गश्ती दल को लगातार सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी, ताकि भ्रामक सूचनाओं और आपत्तिजनक गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। रात के समय भी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

24 घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष

जिले में विधि-व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। जिला गोपनीय प्रशाखा, सहरसा स्थित नियंत्रण कक्ष 17 से 20 अक्टूबर तक कार्यरत रहेगा। इसके लिए दूरभाष संख्या 06478-223601 जारी की गई है।

इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की गोपनीय शाखा में पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 06478-222137 और 06478-225554 भी उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्यरत रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर प्रशासन का जोर

दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों, पंडालों और मेला स्थलों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती, नियमित गश्त, सीसीटीवी निगरानी और यातायात नियंत्रण के माध्यम से भीड़ को व्यवस्थित रखने की तैयारी की गई है।

प्रशासन की प्राथमिकता पूजा के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की है। अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है।

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